उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के लोक भवन में 12 मार्च 2020 को सरकार की एक महात्वाकांक्षी कौशल सतरंग योजना की लांचिग की। कौशल सतरंग योजना के तहत 12 विभागों की 20 योजनाएं शामिल की गई हैं। इसके जरिए गांव-गिरांव के प्रशिक्षित युवाओं को भी स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

कौशल सतरंग योजना 2020

स्वरोजगार योजना विभिन्न विभागों द्वारा वर्तमान युवा हब के नाम से चलाई जा रही है जिन्हे अब एक छतरी के नीचे संचालन के लिए समन्वित और एकीकृत किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट सत्र में युवाओं के बीच उद्यमिता विकसित करने और युवाओं को राज्य की अर्थव्यवस्था में योगदान करने के लिए सक्षम बनाने की दृष्टि से मुख्मंत्री युवा हब योजना की घोषणा की थी।
“इस कार्यक्रम के माध्यम से, राज्य के युवाओं को इस योजना के माध्यम से अपनी स्वयं की स्टार्टअप इकाइयां स्थापित करने के लिए व्यावसायिक और कौशल प्रशिक्षण के साथ आवश्यक सहायता और मार्गदर्शन दिया जाएगा, और एक वर्ष के लिए युवा उद्यमियों को विभिन्न प्रकार से सरकार द्वारा साथ देने की व्यवस्था भी की गई है।

इस योजना के तहत एक साल में 30 हजार स्टार्टअप इकाइयां स्थापित करने का प्रस्ताव है।

कौशल सतरंग योजना को 7 भागो में बांटा गया है |

  1. मुख्मंत्री युवा हब

  2. राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना वर्तमान में दूसरे घटक CM APPS (मुख्यमंत्री अपरेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम) के तहत प्रभावी है, जिसके तहत प्रत्येक प्रशिक्षु को दिए जाने वाले मानदेय का 25 प्रतिशत या 1500 रु।, जो भी कम हो, केंद्र सरकार द्वारा पुनः जारी किया जाता है। संबंधित सेवा की स्थापना। मुख्यमंत्री अपरेंटिसशिप स्कीम के तहत, उद्योगों में काम करने वाले युवा अपरेंटिस के लिए, उद्योगों को भारत सरकार द्वारा उनके मानदेय के प्रतिपूर्ति के रूप में भुगतान किया जाएगा।
  3. कौशल सतरंग का तीसरा घटक जिला कौशल विकास योजना है, जो राज्य सरकार द्वारा नियोजन रणनीति में बदलाव की रूपरेखा तैयार करती है। जिला स्तर पर उपलब्ध रोजगार के अवसरों और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए, प्रत्येक जिले में जिला कौशल विकास योजना तैयार की गई है। प्रत्येक जिले में SWOT विश्लेषण के आधार पर तैयार की जाने वाली योजना के लिए प्रत्येक जिले को दो लाख रुपये प्रदान किए गए हैं।
  4. कौशल पखवाड़ा के चौथे घटक के तहत, कौशल प्रशिक्षण और स्वरोजगार प्राप्त करने वाले युवाओं का पंजीकरण भी किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार विश्व और राष्ट्रीय कौशल प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले राज्य के युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए आईआईटी-कानपुर और राज्य सरकार के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
  5. बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा में लाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग और उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

  6. सरकार ने कौशल सेट के छठे घटक, आरपीएल यानी पूर्व शिक्षण की मान्यता में शिल्पकारों के प्रमाणीकरण का प्रावधान किया है। राज्य के दो लाख 37 हजार से अधिक कारीगरों को उनके कौशल के लिए प्रमाण पत्र प्रदान करने के लिए प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। ओडीओपी योजना के साथ समन्वय स्थापित करने का भी प्रयास किया जा रहा है।
  7. कौशल सतरंग का सातवां घटक प्लेसमेंट एजेंसियों और नौकरी मेले हैं |इन मेलो के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा रोजगार के अवसर युवाओ को उपलब्ध करवाना ही सरकार का उद्देस्य है |

कौशल सतरंग योजना -स्वरोजगार की अनूठी पहल

उत्तरप्रदेश के युवाओ के लिए कौशल सतरंग योजना सरकार द्वारा किया गया एक उचित प्रयास है यह योजना ज्यादा से ज्यादा युवाओ में स्वरोजगार के प्रति रूचि एवं उसके लिए प्रभावी मार्गदर्शन तथा सहायता की अनूठी पहल है |

इस योजना के बारे में हम ज्यादा से ज्यादा जानकारी आपको उपलब्ध करवाने के लिए प्रयासरत है | हम नयी नयी जानकारी हमारे लेखों के माध्यम से आप तक पहुंचाते रहेंगे |

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