कोरोना महामारी न केवल स्वास्थ्य के लिए चुनौती लेकर आयी है बल्कि ऑनलाइन साइबर फ्रॉड की एक बाढ़ भी लाया है। साइबर हमलावर के लिए डर का माहोल सबसे उपयुक्त है ,जब लोग डरते हैं, तो जालसाज इस डर और संवेंदनशीलता का फायदा उठाते हैं और पैसे की ठगी तथा उपभोगता की महत्वपूर्ण जानकारियाँ चुरा लेते हैं।

जालसाजी के अनेक रूप- नि:शुल्क सदस्यता, दान या सूचना साझा

कोरोना वायरस महामारी को रोकने का लिए लॉक डाउन की स्थिति साइबर अपराधियों के लिए उनके भाग्य खोलने वाली एक सुखद सम्भावना बन गयी है । पिछले 2 हफ्तों में साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के तहत बहुत से ऐसे घोटाले सामने आ रहे हैं जिनके द्वारा कोरोना महामारी के नाम पर लोगो ने लाखो रूपये की ठगी कर ली है । हमलावर अपने आपको सरकारी एजेंसियों, बैंक के अधिकारियों, गैर सरकारी संगठनों, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और संयुक्त राष्ट्र के सदस्यों में प्रतिरूपण कर रहे हैं। साइबर हमलावरों के लिए यह सही समय है कि वे घर के लॉक डाउन में कैद उपयोगकर्ताओं की लंबी नेट सर्फिंग का लाभ उठाएं।

कोरोना जालसाजी एवं धोखाधड़ी के तरीके

लॉक डाउन हर किसी के लिए कठिन है लेकिन कोरोना महामारी से निपटने के लिए इसके अलावा और कोई रास्ता भी नहीं है | बहुत से संगठन विभिन्न तरीकों से इस कठिन परिस्थिति में लोगो की मदद करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बहुत सारे घोटालेबाज लोगों को धोखा देकर अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
ऑनलाइन जालसाजी के तरीके

  1. मुफ्त सदस्यता की पेशकश
  2. कोरोना वायरस से जुडी नवीनतम सुचना हेतु
  3. फ़िशिंग ईमेल (जानकारी साझा करने के लिए आधिकारिक संगठनों का प्रतिनिधित्व करना)
  4. कोरोना पीड़ितों को दान देने

1. मुफ्त सदस्यता प्रदान करता है

हर दिन हमें विभिन्न कंपनियों द्वारा अपने मौजूदा सदस्यों को मुफ्त में प्रीमियम सेवाएं उपलब्ध करवाने से संबंधित बहुत से संदेश मिल रहे हैं। इस तरह के ज्यादातर ऑफर मनोरंजन कंपनियों, क्लबों, गेमिंग वेबसाइटों तथा टेलीकॉम कंपनियों की तरफ से आ रहे हैं। उनमें से कुछ सच भी हो सकते है, लेकिन ज्यादातर उपयोगकर्ताओं को अपनी जानकारी देने या अथवा उनके बैंक खातों से चोरी करने के लिए अपने जाल में लुभाने के लिए होते हैं

2. कोरोना वायरस से जुडी नवीनतम सुचना हेतु

हम सभी कोरोना महामारी से डरे हुए हैं और इसके चलते देश और दुनिया भर में होने वाली इससे जुडी प्रत्येक घटना की नवीनतम अपडेट की तलाश कर रहे हैं। फेसबुक, व्हाट्सएप और लगभग हर सामाजिक मंच (सोशल मीडिया ) ऐसे अनुप्रयोगों से भरा है जो कोरोना वायरस के बारे में नवीनतम जानकारी प्रदान करता है।

कृपया अपने मोबाइल पर ऐसे किसी भी ऐप को इंस्टॉल करने से बचें, वे इंस्टॉलेशन के बाद आपके फोन को हैक कर सकते हैं तथा आपको परेशानी में डाल सकते हैं। यदि किसी भी एप्लिकेशन को इनस्टॉल करना वास्तव में आवश्यक है, तो आगे बढ़ने से पहले कृपया उसके स्रोत को सत्यापित कर लेवे । केवल आधिकारिक वेबसाइटों या संबंधित सेवा प्रदाता प्लेटफ़ॉर्म से ही ऐप इंस्टॉल करें

3. फिशिंग ईमेल

आधिकारिक वेबसाइट जैसी देखने और महसूस होने वाली वेबसाइटों को फ़िशिंग वेबसाइट कहा जाता है | इस प्रकार की वेबसाइट आपकी बहुमूल्य जानकारी को चुराने के लिए बनाई जाती हैं। कोरोनवायरस से सम्बंधित इस तरह की घटनाये पिछले एक हफ्ते में लगभग तीन गुना हो गयी है , जो लगभग सभी वैश्विक स्पैम का 3% है।

हमलावर आपको नवीनतम जानकारी के लिए जानकारी साझा करने या सदस्यता लेने के लिए सरकरी संस्थाओं एवं अन्य आधिकारिक संगठन बांके ईमेल भेजते हैं। ज्यादातर समय हमलावर सरकारी संगठनों, विश्व स्वास्थ्य संगठन, आपके बीमा प्रदाता कंपनी और बैंकों रूप में मिलते जुलते नाम के साथ ईमेल भेजते हैं।

कृपया ऐसे किसी भी ईमेल को शेयर, सब्सक्राइब या क्लिक ना करें जब तक कि आप वास्तविक प्रेषक के बारे में सुनिश्चित न हों। ऐसा करके आप खुद को और दूसरे को संभावित घोटाले से बचा सकते हैं

4. कोरोना पीड़ितों को दान देने

सभी के लिए यह एक कठिन समय, विशेष रूप से उन लोगों के लिए जिनके पास लॉक डाउन में खुद का समर्थन करने के लिए आर्थिक सामर्थ्य नहीं है। दैनिक रोजगार करने वाले , किसानों, स्थानीय विक्रेताओं और निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए वास्तव में कठिन समय है। सरकारी एजेंसियां ​​और एनजीओ उनकी मदद के लिए सामने आ रहे हैं। व्यक्तिगत रूप से भी बहुत से लोग अपनी क्षमता अनुसार मदद करने के लिए या समुदाय से सहायता लेने के लिए भरसक प्रयास कर रहे है।

हर कोई अपनी तरफ से मदद की पूरी कोशिश कर रहा है लोग दान करके लोगों की मदद कर रहे है | यह एक ऐसा संवेदनशील परिदृश्य है जहाँ लोग दान करते समय बुनियादी सावधानी भूल जाते हैं और यह स्थिति घोटालेबाज के लिए पैसा बनाने का यह सबसे अच्छा समय होता है। ये घोटाले बाज सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में अपने आपको प्रस्तुत करके लोगों की मदद करने के लिए पैसे जुटा रहे हैं, वे किसी भी ऑनलाइन माध्यम से द्वारा आपको योगदान करने के लिए बोलते है , इसके लिए ऊह आपको मैसेज अकाउंट नंबर अथवा लिंक के जरिये पैसे ट्रांसफर करने के लिए बोलते है जैसे ही आप उनके बताये लिंक पर क्लिक करते है उनका मकसद पूरा हो जाता है

यहां तक ​​कि जालसाज स्वास्थ्य कर्मचारियों के रूप में भी घरों में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे हैं। कृपया आईडी के सही सत्यापन के बिना या ऐसी किसी भी गतिविधि की सूचना स्थानीय पुलिस की पुष्टि के बिना अपने घर में किसी को भी आने न दें।

कैसे  जानकारी चुराते ऑनलाइन हमलावर हैं ?

जानकारी के लिए चोरी करने वाला हमलावर डिवाइस पर एक प्रोग्राम (मालवेयर) लगाता है, जो मेल या रैनसमवेयर के लिंक, मैसेज, अटैचमेंट अथवा मोबाइल एप्प के हिस्से के रूप में सर्कुलेट होता है। फिर वे उपयोगकर्ताओं की बिना जानकारी के ही डिवाइस को हैक कर लेती है तथा सारी जानकारी हैकर तक पहुँचता रहता है जिससे वे लोग आपकी बहुमूल्य जानकारी चोरी करते हैं।

कोरोना स्कैम से बचाव कैसे करें ?

  • किसी भी अवांछित ई-मेल को न खोलें और केवल उन ईमेल पर क्लिक करें जो ज्ञात और विश्वसनीय स्रोतों से हैं।
  • प्रामाणिक URL, डोमेन नाम और वर्तनी त्रुटियों के लिए सभी मेल जांचें।
  • यदि आपको किसी भी जानकारी की आवश्यकता है, तो संगठनों की आधिकारिक वेबसाइटों पर जाएं।
  • अज्ञात स्रोतों से या सोशल मीडिया प्लेटफार्मों से मोबाइल एप्लिकेशन इंस्टॉल न करें

यह स्थिति लम्बे समय तक जारी रहने की संभावना है| अपराधी कोरोना महामारी के आगे के परिणामों का लाभ उठाने की तलाश कर रहे है ऐसे समय में घर से काम से संबंधित प्रस्ताव, शेयर बाजार निवेश की योजना, पेंशन, स्वास्थ्य बीमा योजना द्वारा लोगों के डर का फायदा उठाने के लिए भरसक प्रयास किये जायेंगे ।

कृपया अपने आप को साइबर घोटालों से सुरक्षित रखने के लिए किसी भी ऑनलाइन ऑफ़र या मुफ्त की सुविधा से सावधान रहें।

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